लेखिका तन्वी शेरॉन ने विद्यार्थियों को दिया रचनात्मकता और विरासत संरक्षण का संदेश
नालंदा विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास से कराया परिचित, पुस्तकें पढ़ने और भारतीय संस्कृति पर गर्व करने के लिए किया प्रेरित
ग्रेटर नोएडा। स्वर्ण नगरी स्थित जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष लेखक संवाद (Author’s Talk) कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध लेखिका सुश्री तन्वी शेरॉन ने विद्यार्थियों के साथ अपने लेखन अनुभव साझा किए और उन्हें पढ़ने, लिखने तथा रचनात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के दौरान लेखिका तन्वी शेरॉन ने अपनी रोचक कहानियों और लेखन शैली के माध्यम से बच्चों को कल्पनाशील बनने, नए विचारों को अभिव्यक्त करने और नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि किताबें केवल जानकारी का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे बच्चों की सोच, समझ और व्यक्तित्व को भी नई दिशा देती हैं।
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कार्यक्रम में लेखिका ने विद्यार्थियों को भारत के गौरवशाली प्राचीन इतिहास से भी परिचित कराया। उन्होंने प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत सदियों से ज्ञान, विज्ञान, दर्शन और शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि हमारी ऐतिहासिक धरोहरें केवल पुरानी इमारतें नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति, ज्ञान और राष्ट्रीय पहचान की अमूल्य विरासत हैं।
उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि इतिहास और सांस्कृतिक धरोहरों को नष्ट करने के बजाय उन्हें संरक्षित करना प्रत्येक पीढ़ी की जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को प्राचीन पुस्तकों, पांडुलिपियों, भाषाओं, ऐतिहासिक स्मारकों और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
इस संवादात्मक कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को यह महत्वपूर्ण सीख मिली कि पुस्तकों में ज्ञान का खजाना छिपा है और इतिहास किसी भी समाज की पहचान एवं गौरव का आधार होता है।
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लेखिका ने अपने विचारों के माध्यम से बच्चों को संदेश दिया कि जो समाज अपने इतिहास और विरासत को संजोकर रखता है, वही अपने भविष्य को मजबूत बनाता है।
कार्यशाला का समापन विद्यार्थियों में पुस्तकें पढ़ने, लेखन के प्रति रुचि विकसित करने, जिज्ञासु बनने तथा भारतीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत पर गर्व करने की प्रेरणा के साथ हुआ। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और रचनात्मक अनुभव साबित हुआ।


