शैक्षणिक आदान-प्रदान, संयुक्त शोध एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम
ग्रेटर नोएडा,
उच्च शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू), ग्रेटर नोएडा एवं श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, टिहरी गढ़वाल के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक, अनुसंधान एवं
संस्थागत सहयोग को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डीन (शैक्षणिक) प्रो. राजीव वार्ष्णेय, डीन, स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी प्रो. एस. धनलक्ष्मी सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षाविद एवं अधिकारी मौजूद रहे। वहीं श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय की ओर से परिसर श्रीकोट के निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत तथा अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. गुलशन कुमार डंगवाल ने सहभागिता की।
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एमओयू के तहत दोनों विश्वविद्यालय शैक्षणिक आदान-प्रदान, संयुक्त शोध परियोजनाओं, छात्र एवं शिक्षक विनिमय कार्यक्रमों, कौशल विकास गतिविधियों तथा नवाचार आधारित कार्यक्रमों को बढ़ावा देंगे। इस सहयोग से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि, शोध संस्कृति को प्रोत्साहन तथा विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच दीर्घकालिक सहयोग को नई मजबूती प्रदान करेगा और शिक्षा व अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
डीन (शैक्षणिक) प्रो. राजीव वार्ष्णेय ने इसे अकादमिक गुणवत्ता, ज्ञान-साझेदारी एवं संस्थागत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। वहीं प्रो. एस. धनलक्ष्मी ने जीवन विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में संयुक्त शोध एवं नवाचार की व्यापक संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
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श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के परिसर निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत ने कहा कि यह समझौता क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा के विकास के लिए एक सराहनीय प्रयास है, जिससे दोनों संस्थानों के बीच अकादमिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे।
अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. गुलशन कुमार डंगवाल ने कहा कि यह एमओयू अनुसंधान एवं नवाचार को नई गति देने के साथ-साथ संयुक्त शोध परियोजनाओं के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
इस अवसर पर श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन.के. जोशी ने भी समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे सहयोगात्मक प्रयास उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार, संस्थागत विकास तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक एवं शोध अवसर उपलब्ध कराने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।
कार्यक्रम के दौरान दोनों विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं कौशल विकास के क्षेत्रों में मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में इस सहयोग को और अधिक प्रभावी, परिणामोन्मुख एवं विद्यार्थियों के हित में उपयोगी बनाने का संकल्प लिया गया।
यह एमओयू दोनों विश्वविद्यालयों के बीच ज्ञान-साझेदारी, अनुसंधान उत्कृष्टता और नवाचार आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी।






