फोर्टिस ग्रेटर नोएडा ने रचा नया कीर्तिमान, मात्र 10% हार्ट फंक्शन वाले मरीज को हाई-रिस्क एंजियोप्लास्टी से दी नई जिंदगी
- फोर्टिस ग्रेटर नोएडा की बड़ी सफलता, 10% हार्ट फंक्शन वाले मरीज की जान बचाई
- हाई-रिस्क एंजियोप्लास्टी से चमत्कार, 10% से 45% तक पहुंची मरीज की हार्ट पंपिंग क्षमता
- कार्डियोजेनिक शॉक से जूझ रहे मरीज को फोर्टिस ने दिया नया जीवन
- 15 मिनट की जटिल प्रक्रिया ने बदली मरीज की जिंदगी, फोर्टिस के डॉक्टरों की बड़ी कामयाबी
फोर्टिस हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा के कार्डियोलॉजी विभाग ने एक बेहद गंभीर हृदय रोगी का सफल उपचार कर चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने हाई-रिस्क इमरजेंसी एंजियोप्लास्टी की मदद से ऐसे मरीज को नई जिंदगी दी, जिसका हार्ट फंक्शन (इजेक्शन फ्रैक्शन) मात्र 10 प्रतिशत रह गया था।
57 वर्षीय मरीज को सीने में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ और गंभीर कार्डियोजेनिक शॉक की स्थिति में अस्पताल लाया गया। जांच में पता चला कि हृदय की तीन प्रमुख धमनियों में गंभीर रुकावट थी और फेफड़ों में भी पानी भर चुका था। मरीज की स्थिति को देखते हुए फोर्टिस की मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम ने पहले इंट्रा-एओर्टिक बैलून पंप (IABP) की सहायता से मरीज को स्थिर किया और इसके बाद हाई-रिस्क इमरजेंसी एंजियोप्लास्टी की गई।
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
केवल 15 मिनट चली इस जटिल प्रक्रिया के दौरान डॉक्टरों ने मुख्य धमनी का अवरोध सफलतापूर्वक हटाया। उपचार के बाद मरीज की हालत में तेजी से सुधार हुआ। एक सप्ताह के भीतर हार्ट फंक्शन 10 प्रतिशत से बढ़कर 45 प्रतिशत तक पहुंच गया। मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है, अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और नियमित फॉलो-अप पर है।
फोर्टिस हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शांतनु सिंघल ने बताया कि मरीज की स्थिति बेहद नाजुक थी। समय पर सही निर्णय, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ टीम के समन्वित प्रयास से मरीज को संभावित कार्डियक अरेस्ट से बचाया जा सका।
वहीं, yu
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)






