यथार्थ अस्पताल, नोएडा एक्सटेंशन में जटिल लिवर-किडनी प्रत्यारोपण सफल, 50 वर्षीय मरीज को मिला नया जीवन
ABO इनकम्पैटिबल लिवर ट्रांसप्लांट के साथ एक ही सर्जरी में हुआ किडनी प्रत्यारोपण, 15–16 घंटे चली जटिल प्रक्रिया
नोएडा एक्सटेंशन, चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए यथार्थ अस्पताल, नोएडा एक्सटेंशन में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने एक 50 वर्षीय मरीज का सफलतापूर्वक एक साथ लिवर एवं किडनी प्रत्यारोपण (Simultaneous Liver-Kidney Transplant – SLKT) किया। गंभीर किडनी रोग के अंतिम चरण में पहुंच चुके मरीज को सप्ताह में तीन बार डायलिसिस की आवश्यकता थी। इसके साथ ही वह हेपेटाइटिस-B संक्रमण और क्रॉनिक लिवर डिजीज से भी पीड़ित था।
यह मामला कई स्तरों पर बेहद चुनौतीपूर्ण था। मरीज का लिवर प्रत्यारोपण ABO इनकम्पैटिबल था—लिवर डोनर का ब्लड ग्रुप B पॉजिटिव, जबकि मरीज का ब्लड ग्रुप O पॉजिटिव था। इसके अतिरिक्त डोनर के लिवर में फैटी लिवर तथा मरीज में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसी गंभीर स्वास्थ्य जटिलताएं मौजूद थीं।
मरीज के दाहिने गुर्दे में ट्यूमर होने के कारण करीब एक वर्ष पूर्व राइट रेडिकल नेफ्रेक्टॉमी की गई थी। इसके बाद वह क्रॉनिक किडनी डिजीज से ग्रसित हो गया और नियमित रूप से सप्ताह में तीन बार हेमोडायलिसिस पर निर्भर था। मरीज को टाइप-2 डायबिटीज के साथ डायबिटिक नेफ्रोपैथी एवं न्यूरोपैथी तथा सिंगल-वेसल कोरोनरी आर्टरी डिजीज भी थी।
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पत्नी ने दिया लिवर, बेटी ने किडनी
मरीज के उपचार को लेकर यथार्थ अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने व्यापक जांच एवं जोखिमों का आकलन करने के बाद दोनों अंगों का एक साथ प्रत्यारोपण करने का निर्णय लिया। मरीज की पत्नी ने लिवर का हिस्सा दान किया, जबकि बेटी ने अपनी एक किडनी दान करने का निर्णय लिया।
किडनी डोनर और मरीज का ब्लड ग्रुप समान था, लेकिन लिवर प्रत्यारोपण ABO इनकम्पैटिबल होने के कारण विशेष सावधानी और उन्नत चिकित्सा प्रबंधन की आवश्यकता थी।
15–16 घंटे चली जटिल सर्जरी
पूरी प्रक्रिया में लगभग 15–16 घंटे का समय लगा। इसमें लिवर एवं किडनी ट्रांसप्लांट के साथ एनेस्थीसिया, ब्लड बैंक, क्रिटिकल केयर तथा अन्य विशेषज्ञ टीमों ने आपसी समन्वय के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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किडनी प्रत्यारोपण के दौरान डोनर की बाईं किडनी में दो रीनल आर्टरीज होने के कारण जटिल वैस्कुलर रिकंस्ट्रक्शन की आवश्यकता पड़ी। वहीं प्री-ऑपरेटिव CT एंजियोग्राफी में मरीज की दाईं इलियक रक्त वाहिका वैस्कुलर एनास्टोमोसिस के लिए उपयुक्त नहीं पाई गई। इसके बाद सर्जिकल योजना के अनुसार रिकंस्ट्रक्ट की गई किडनी को बाईं इलियक रक्त वाहिकाओं से जोड़ा गया।
लिवर और किडनी दोनों डोनर की सर्जरी लैप्रोस्कोपिक तकनीक से की गई। प्रत्यारोपण के बाद मरीज ने अच्छी रिकवरी के संकेत दिए और लिवर तथा किडनी दोनों ग्राफ्ट ने प्रभावी रूप से काम करना शुरू कर दिया।
डॉक्टरों ने बताया टीमवर्क को सफलता की कुंजी
डॉ. विशाल कुमार चौरसिया, ग्रुप डायरेक्टर, लिवर ट्रांसप्लांट, जीआई एवं रोबोटिक सर्जरी ने कहा कि एक साथ लिवर और किडनी प्रत्यारोपण अत्यंत जटिल ट्रांसप्लांट प्रक्रियाओं में शामिल है। इस मामले में ABO इनकम्पैटिबल लिवर ट्रांसप्लांट और मरीज की कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं ने चुनौती को और बढ़ा दिया था। उन्होंने कहा कि ट्रांसप्लांट विभाग की पूरी टीम के समन्वय और विशेषज्ञता से इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सका।
डॉ. प्रग्नेश देसाई, सीनियर डायरेक्टर एवं हेड, यूरोलॉजी, रीनल ट्रांसप्लांट, रोबोटिक्स एवं यूरो-ऑन्कोलॉजी ने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट को उसी सर्जरी के दौरान अत्यधिक सटीकता और समन्वय के साथ किया गया। दो रीनल आर्टरीज तथा मरीज की दाईं इलियक रक्त वाहिका की अनुपयुक्तता के कारण वैस्कुलर रिकंस्ट्रक्शन चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने कहा कि किडनी ग्राफ्ट ने ऑपरेशन के बाद अच्छी तरह कार्य किया और संयुक्त प्रत्यारोपण का परिणाम संतोषजनक रहा।
डॉ. उपेंद्र सिंह, सीनियर कंसल्टेंट एवं हेड, नेफ्रोलॉजी ने कहा कि मरीज क्रॉनिक किडनी डिजीज के साथ हेमोडायलिसिस पर था और क्रॉनिक लिवर फेल्योर से भी जूझ रहा था। दोनों अंगों का एक साथ प्रत्यारोपण मरीज के उपचार में महत्वपूर्ण साबित हुआ। उन्होंने प्रत्यारोपण से पहले की तैयारी, सर्जरी के दौरान बेहतर प्रबंधन और ऑपरेशन के बाद करीबी निगरानी को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
डॉ. प्रह्लाद अग्रवाल, सीओओ, नोएडा एक्सटेंशन ने कहा कि यह सफलता अस्पताल में जटिल और उन्नत चिकित्सा प्रक्रियाओं को संचालित करने की क्षमता को दर्शाती है। ऐसी सर्जरी के लिए क्लिनिकल विशेषज्ञता के साथ-साथ मजबूत प्रशासनिक और ऑपरेशनल सहयोग भी आवश्यक होता है।
यथार्थ अस्पताल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि
इस सफल Simultaneous Liver-Kidney Transplant को यथार्थ अस्पताल, नोएडा एक्सटेंशन की एक महत्वपूर्ण चिकित्सा उपलब्धि माना जा रहा है। यह सफलता अस्पताल की उन्नत लिवर एवं किडनी ट्रांसप्लांट, क्रिटिकल केयर और जटिल मरीजों के समग्र प्रबंधन की क्षमता को रेखांकित करती है।
यथार्थ अस्पताल, नोएडा एक्सटेंशन के बारे में
सेक्टर-1, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में स्थित यथार्थ अस्पताल, यथार्थ ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स का प्रमुख अस्पताल है। 450 बेड वाला यह टर्शियरी केयर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल नोएडा, दिल्ली-एनसीआर तथा उत्तर प्रदेश के आसपास के शहरों एवं जिलों के मरीजों को विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराता है। अस्पताल का फोकस व्यापक, उन्नत एवं मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने पर है।


