ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का हल्ला बोल जारी, मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान
तीन दिवसीय आंदोलन के बाद किसानों ने बढ़ाया धरना, बोले—ठोस समाधान होने तक पीछे नहीं हटेंगे
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का हल्ला बोल आंदोलन लगातार जारी है। किसानों ने अपनी लंबित मांगों के समाधान को लेकर आंदोलन को अब अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है। किसान नेताओं के अनुसार अब प्रतिदिन दिन के समय ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
आज आयोजित धरने की अध्यक्षता जयप्रकाश आर्य ने की। धरने को विभिन्न राजनीतिक दलों एवं किसान संगठनों के नेताओं ने समर्थन देते हुए किसानों की मांगों को जायज बताया।
कांग्रेस और सपा ने दिया समर्थन
धरने में कांग्रेस जिला अध्यक्ष दीपक भाटी तथा समाजवादी पार्टी जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी शामिल हुए और किसानों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। नेताओं ने किसानों की लंबित मांगों के समाधान के लिए प्राधिकरण से गंभीरता से पहल करने की मांग की।
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धरने में प्रमुख रूप से गबरी मुखिया, सुरेश यादव, नितिन चौहान, अशोक भाटी, गुरप्रीत एडवोकेट (महासचिव, किसान सभा), संदीप भाटी, नरेश नागर, रईसा बेगम, रीना भाटी और गीता भाटी सहित बड़ी संख्या में किसान एवं महिलाएं मौजूद रहीं।
इसके अलावा सीटू से गंगेश्वर दत्त शर्मा, समाजवादी पार्टी से फकीरचंद नागर, किसान सभा के नौजवान नेता भगत सिंह चेची, प्रमोद हूण, बाबा करतार, सुमित एडवोकेट, पप्पे नागर और यतेंद्र एडवोकेट सहित अनेक किसान नेता एवं कार्यकर्ताओं ने धरने में भाग लिया।
धरने में उमड़ी किसानों की भारी भीड़
धरना स्थल पर हजारों किसानों की मौजूदगी देखने को मिली। बड़ी संख्या में किसानों एवं महिलाओं की भागीदारी ने आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
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तीन दिन का आंदोलन अब अनिश्चितकालीन
किसान नेताओं ने बताया कि आंदोलन की शुरुआत पहले तीन दिनों के लिए की गई थी। निर्धारित अवधि के दौरान किसानों की मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद अब आंदोलन को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया गया है। अब प्रतिदिन दिन के समय प्राधिकरण पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
इन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन
किसानों की प्रमुख मांगों में—
- 10 प्रतिशत आबादी के भूखंडों का निस्तारण
- नए कानून के अनुसार 20 प्रतिशत भूखंड
- ₹20,000 प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा
- किसानों की अन्य लंबित मांगों का शीघ्र समाधान
शामिल हैं।
“मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन”
किसान नेताओं ने प्राधिकरण को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि किसानों की जायज मांगों का ठोस एवं स्थायी समाधान होने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। नेताओं ने कहा कि किसान अपने अधिकारों के लिए पूरी मजबूती के साथ संघर्ष कर रहे हैं और आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
किसान नेताओं का कहना है कि अब गेंद प्राधिकरण के पाले में है—यदि मांगों पर ठोस निर्णय होता है तो समाधान की राह खुलेगी, अन्यथा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।


