“मां आ रही हैं…” की गूंज से सजेगा ग्रेटर नोएडा, 15 से 21 अक्टूबर तक होगा शारदोत्सव 2026
ग्रेटर नोएडा कालीबाड़ी में बंगाली संस्कृति, पारंपरिक हस्तशिल्प, भव्य सड़क-अल्पना और दुर्गा पूजा का दिखेगा अनूठा संगम
मिट्टी की प्रतिमाओं से मां के दिव्य शृंगार तक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक सहभागिता से जीवंत होगी बंगाल की समृद्ध विरासत
ग्रेटर नोएडा, अक्टूबर 2026। “मां आ रही हैं…” यानी “मा आश्छेन” की गूंज के साथ ग्रेटर नोएडा में शारदोत्सव 2026 की तैयारियां पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ की जा रही हैं। ग्रेटर नोएडा शारदिया सांस्कृतिक समिति (रजि.) द्वारा 15 से 21 अक्टूबर तक ग्रेटर नोएडा कालीबाड़ी में शारदोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह महोत्सव बंगाली संस्कृति, कला, संगीत, पारिवारिक परंपराओं और सामुदायिक एकता का भव्य उत्सव होगा, जिसमें दिल्ली-एनसीआर के श्रद्धालुओं, परिवारों और निवासियों को शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है।
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दुर्गा पूजा बंगाली समाज के लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भावनाओं, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए महोत्सव में मां दुर्गा की भव्य पूजा, पारंपरिक हस्तशिल्प, आकर्षक सड़क-अल्पना, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विभिन्न सामुदायिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
मां के शृंगार में झलकेगी बंगाल की समृद्ध कला
शारदोत्सव में मां दुर्गा की प्रतिमा और उनके दिव्य शृंगार को विशेष रूप से आकर्षक बनाया जाएगा। प्रतिमा निर्माण में मिट्टी को आकार देने वाले मूर्तिकारों से लेकर पारंपरिक पोशाक तैयार करने वाले कारीगरों और आभूषण बनाने वाले शिल्पकारों तक, अनेक लोगों की मेहनत इस उत्सव को खास बनाती है।
मां की पोशाक तैयार करने की प्रक्रिया डिजाइन और थीम के चयन से शुरू होती है। पारंपरिक लाल, सफेद और सुनहरे रंगों के साथ बनारसी व रेशमी कपड़ों, बारीक कढ़ाई, जरी, जरदोजी, गोटा-पट्टी, लेस, मोती और सजावटी स्टोन का इस्तेमाल किया जाता है। चेहरे की अभिव्यक्ति, मुकुट, आभूषण और अंतिम पोशाक मिलकर मां के दिव्य स्वरूप को पूर्णता प्रदान करते हैं।
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मां के स्वागत में सजेगी भव्य सड़क-अल्पना
शारदोत्सव 2026 का प्रमुख आकर्षण ग्रेटर नोएडा कालीबाड़ी की ओर आने वाली सड़क पर बनाई जाने वाली विशाल पारंपरिक अल्पना होगी। बंगाल की लोककला से प्रेरित इस सजावट में मां दुर्गा की आंखों और मुखाकृति से प्रेरित आकृतियां, कमल, शंख, पत्तियां और अन्य पारंपरिक प्रतीक शामिल किए जाएंगे।
इस सामुदायिक कला गतिविधि में महिलाएं, बच्चे, युवा और अन्य सदस्य भाग लेकर अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करेंगे। लाल और सफेद सहित विभिन्न पारंपरिक रंगों से सजी अल्पना मां के स्वागत और सामूहिक सहभागिता का सुंदर संदेश देगी।
15 से 21 अक्टूबर तक होंगे विविध कार्यक्रम 
शारदोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक और मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
- 11 अक्टूबर: मां के आगमन की परंपरा के तहत सुबह 6 बजे स्वागत कार्यक्रम प्रस्तावित है। श्रद्धालुओं से शंखध्वनि और उल्लास के साथ सहभागिता का अनुरोध किया गया है।
- 11 अक्टूबर: सड़क-अल्पना, चित्रकला और आवृत्ति-पाठ जैसी सामुदायिक गतिविधियां प्रस्तावित हैं।
- 15 अक्टूबर: महा पंचमी के अवसर पर आनंदमेला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। परिवारों को भोजन, रचनात्मकता और मेल-मिलाप का अवसर मिलेगा।
- 16 से 20 अक्टूबर: षष्ठी से नवमी तक पारंपरिक पूजा-अनुष्ठान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, बच्चों और युवाओं के लिए गतिविधियां तथा सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- 21 अक्टूबर: विजयादशमी पर मां को विदाई दी जाएगी। इस अवसर पर सिंदूर खेला और भावपूर्ण विदाई की परंपरा निभाई जाएगी।
समिति ने बताया कि कार्यक्रमों के दौरान आनंदमेला, चित्रकला, आवृत्ति, फैंसी ड्रेस, प्रश्नोत्तरी, अंताक्षरी, म्यूजिकल चेयर, समूहगान, समूह नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र बन सकती हैं। आयोजन का उद्देश्य सभी आयु वर्ग के लोगों को एक मंच पर लाकर उत्सव को सामूहिक सहभागिता का अवसर बनाना है।
परंपरा, आस्था और सामाजिक एकता का उत्सव
बंगाली दुर्गा पूजा में मां को बेटी के रूप में मायके लौटने वाली देवी के रूप में देखा जाता है। मां के आगमन से लेकर विजयादशमी की विदाई तक हर रस्म में अपनापन, श्रद्धा और भावनात्मक जुड़ाव दिखाई देता है। लाल, सफेद और सुनहरे रंगों से सजी मां की प्रतिमा, पारंपरिक पोशाक और भक्तों की भागीदारी बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत करती है।
विजयादशमी के बाद भी सांस्कृतिक यात्रा जारी रहती है। क्षेत्रीय और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार कोजागरी लक्ष्मी पूजा, काली पूजा, भाई फोटा और अन्य पर्वों के माध्यम से उत्सव की भावना आगे बढ़ती है।
ग्रेटर नोएडा शारदिया सांस्कृतिक समिति का कहना है कि शारदोत्सव बंगाली विरासत को संरक्षित करने, अगली पीढ़ी तक परंपराएं पहुंचाने और विभिन्न समुदायों के बीच आपसी संबंध मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
शुभ शारदोत्सव! शुभ दुर्गा पूजा! जय मां दुर्गा!
आयोजक: ग्रेटर नोएडा शारदिया सांस्कृतिक समिति (रजि.)
स्थान: ग्रेटर नोएडा कालीबाड़ी, प्लॉट एफ-1, सेक्टर पी-1 एवं पी-2, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश।



