जेवर टोल प्रबंधन के खिलाफ किसानों का बड़ा प्रदर्शन, जीएम पर एफआईआर और नोटिस वापसी की मांग
जेवर। किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले किसान एकता संघ, अखिल भारतीय किसान सभा एवं भारतीय किसान परिषद के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जेवर टोल कंपनी के जनरल मैनेजर द्वारा किसान संगठनों को कथित रूप से “असामाजिक तत्व” कहे जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जेवर के उपजिलाधिकारी दुर्गेश सिंह को ज्ञापन सौंपकर संबंधित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और किसानों के टोल पास बंद करने के लिए जारी नोटिस तत्काल वापस लेने की मांग की।
सुबह करीब 10:30 बजे किसान और कार्यकर्ता जेवर अंडरपास के नीचे एकत्रित हुए, जहां से नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय तक मार्च निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने टोल प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।
भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय सचिव उदल आर्य ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट परियोजना के नाम पर किसानों को विकास का सपना दिखाया गया, लेकिन प्रभावित किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण और सर्किल रेट से जुड़े मुद्दों पर किसानों के साथ न्याय नहीं हुआ, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
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किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान ने कहा कि किसानों, मजदूरों, पत्रकारों और आम नागरिकों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मुनेंद्र प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशासन की कथित लापरवाही उजागर करने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। किसान संघर्ष मोर्चा ऐसे किसी भी कदम का विरोध करता है।
अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि दिसंबर 2024 में किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर लंबा आंदोलन हुआ था। उस दौरान सरकार और प्रशासन की ओर से कई आश्वासन दिए गए थे, लेकिन आज तक अधिकांश वादे पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने किसानों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि किसानों को “असामाजिक तत्व” कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि किसान अपने सम्मान और अधिकारों से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे।
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किसान संघर्ष मोर्चा ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि टोल कंपनी के जनरल मैनेजर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई और किसानों को जारी नोटिस वापस नहीं लिए गए, तो संगठन व्यापक आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित कंपनी की होगी।
धरना-प्रदर्शन का संचालन प्रमोद शर्मा ने किया। इस दौरान अशोक भाटी, सुशांत भाटी, अभय भाटी, संदीप भाटी, सुशील सोनपुर, प्रशांत भाटी, बुधपाल यादव, मनोज यादव, भोजराज रावल, देशराज राणा, करतार नागर, नरेश नागर, आकाश नागर, सुरेंद्र भाटी, पप्पू ठेकेदार, रोहित भाटी, निरंकार प्रधान, अशोक आर्य, राहुल नागर, संदीप चौहान, सचिन एडवोकेट, जयप्रकाश आर्य, प्रेमपाल चौहान, पवन पतला खेड़ा, दुर्गेश शर्मा सहित सैकड़ों किसान, कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे।






