झांसी, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर झांसी में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि योग केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की कला है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ राष्ट्र की नींव है और योग व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है।
‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आयुष विभाग की आयुष ई-पत्रिका का विमोचन भी किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज दुनिया के लगभग 200 देश योग से जुड़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर जीवन को संतुलित बनाने की प्रेरणा देती है। योग इसी परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने युवाओं, किसानों, श्रमिकों, विद्यार्थियों और सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
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सीएम योगी ने कहा कि योग की परंपरा आदियोगी भगवान शिव से प्रारंभ हुई और ऋषि-मुनियों ने इसे विश्व तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति नियमित योग अपनाए तो वह रोगों, तनाव और समय से पहले आने वाले बुढ़ापे से बच सकता है। योग व्यक्ति को ऊर्जा, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों, विकासखंडों, तहसीलों और नगर निकायों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग को जन-आंदोलन बनाकर ही स्वस्थ और विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है।
कार्यक्रम में विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, सांसद अनुराग शर्मा, विधायकगण, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी के सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करते हुए योग को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।
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