40 गांवों के प्रभावित किसानों की महापंचायत, मुख्यमंत्री से मिलने का लिया फैसला
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से प्रभावित किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया, जिसमें लगभग 40 गांवों के किसान एवं महिला किसानों ने भाग लिया। महापंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 29 जून 2026 को ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट से लखनऊ तक पैदल कूच किया जाएगा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर 4 प्रतिशत अतिरिक्त आबादी भूखंड के मुद्दे पर अपनी बात रखी जाएगी।
किसानों का कहना है कि लगभग तीन दशक पूर्व प्राधिकरण द्वारा उनकी भूमि अधिग्रहित की गई थी। उस समय किसानों को मुआवजे के साथ 6 प्रतिशत आबादी भूखंड दिए गए थे। बाद में न्यायालय के आदेशों और विभिन्न निर्णयों के आधार पर किसानों को कुल 10 प्रतिशत आबादी भूखंड दिए जाने की व्यवस्था बनी, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में किसान अपने हक के भूखंडों से वंचित हैं।
महापंचायत में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पिछले 26 वर्षों से किसान अपनी मांगों को लेकर प्राधिकरण के अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। कई बार बोर्ड बैठकों में प्रस्ताव पारित होने के बावजूद भी प्रभावित किसानों को आबादी भूखंड आवंटित नहीं किए गए, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है।
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किसान नेताओं और महिला किसानों ने कहा कि यदि समय रहते उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो 29 जून को हजारों किसान पैदल मार्च करते हुए लखनऊ पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांगों को रखेंगे।
महापंचायत में मौजूद किसानों ने चेतावनी दी कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों की वास्तविक प्राप्ति चाहिए। किसानों ने एकजुट होकर संघर्ष को और तेज करने का संकल्प भी लिया।
अब सभी की निगाहें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर टिकी हैं कि वह 29 जून से पहले किसानों से वार्ता कर समाधान निकालता है या फिर किसानों का लखनऊ कूच आंदोलन का नया रूप लेता है।
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