
संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री हरबीर सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कार्यकर्ता ग्रेटर नोएडा स्थित संगठन कार्यालय पर एकत्रित हुए और जेवर टोल प्लाजा की ओर जाने की तैयारी करने लगे। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया और थाना बीटा-2 प्रभारी विनोद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
इस दौरान संगठन के पदाधिकारी पंचायत के लिए जेवर जाने की मांग पर अड़े रहे। बाद में मौके पर पहुंचे एडीसीपी ग्रेटर नोएडा संतोष कुमार ने किसान नेताओं से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनीं। किसान नेताओं ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन (कृषक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर ने कहा कि यमुना प्राधिकरण एवं यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना से प्रभावित किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा और 10 प्रतिशत विकसित भूखंड दिए जाने की मांग लंबे समय से लंबित है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की आबादी का निस्तारण अभी तक नहीं हुआ है, उनकी आबादी को छोड़ा जाए तथा जिन किसानों की भूमि प्राधिकरण ने अधिग्रहित की है, उन्हें टोल प्लाजा पर निशुल्क आवागमन की सुविधा दी जाए।
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किसान नेताओं ने जेवर टोल प्लाजा के महाप्रबंधक के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाई। इस पर एडीसीपी संतोष कुमार ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी शिकायतों और मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा तथा संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
संगठन ने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
इस अवसर पर हरबीर सिंह, प्रताप नागर, ऋषिपाल कसाना, सतपाल नागर, हरेंद्र नागर, जीतू गुर्जर, कपिल कसाना, सरजीत नागर, प्रमोद चौधरी, विकास नागर, नरेश जाट, टीटू प्रधान, ओपी भाटी, विनोद अवाना, जितेंद्र नागर, प्रमोद तोगड़, भोला भाटी, दिनेश बसल, भगवान शर्मा, सौरव वर्मा, संजय नागर, सोविंदर चेची, विक्रम नागर, आदेश नागर, भरत असतौली सहित बड़ी संख्या में किसान एवं संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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किसानों और प्रशासन के बीच हुई वार्ता के बाद मामला फिलहाल शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया, जबकि किसान संगठन ने अपनी मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रखने की बात कही।






