भाकियू (महात्मा टिकैत) ने उठाई MSP, कर्जमाफी और टोल समाप्ति की मांग
किसानों, खेतिहर मजदूरों और ग्रामीण परिवारों के हितों की रक्षा को लेकर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की अपील
अलीगढ़/हरिद्वार, 23 जून 2026। भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अनिल तालान के नेतृत्व में किसानों, खेतिहर मजदूरों एवं ग्रामीण परिवारों के सामाजिक, आर्थिक और कृषि हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक विस्तृत ज्ञापन भेजा गया है। ज्ञापन में देशभर के किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार से तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि देश का किसान लगातार बढ़ती उत्पादन लागत, प्राकृतिक आपदाओं, कृषि उत्पादों के उचित मूल्य के अभाव, बढ़ते कर्ज और बाजार की अस्थिरता जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए सरकार को प्रभावी नीतिगत निर्णय लेने चाहिए।
भाकियू (महात्मा टिकैत) ने अपनी 16 सूत्रीय मांगों में किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार C2+50% फार्मूले पर MSP, MSP की कानूनी गारंटी, निजी नलकूपों की बिजली मुफ्त करने, 400 यूनिट तक निशुल्क बिजली, गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल करने, पीएम किसान सम्मान निधि को 6 हजार से बढ़ाकर 36 हजार रुपये वार्षिक करने तथा भूमि अधिग्रहण अधिनियम-2013 को पूर्ण रूप से लागू करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल की हैं।
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संगठन ने किसानों और मजदूरों के लिए दुर्घटना बीमा राशि बढ़ाने, कृषि सिंचाई के लिए ट्यूबवेल विद्युत कनेक्शन निशुल्क उपलब्ध कराने, किसान आंदोलनों से जुड़े मुकदमे वापस लेने और गरीब परिवारों को प्रतिवर्ष 12 गैस सिलेंडर निशुल्क देने की भी मांग उठाई है।
इसके अलावा ज्ञापन में देश में लागू वर्तमान टोल व्यवस्था समाप्त करने तथा सड़क उपयोग शुल्क की एक समान व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि वाहन स्वामियों से पहले ही रोड टैक्स और अन्य कर वसूले जाते हैं, ऐसे में टोल टैक्स के रूप में अतिरिक्त शुल्क लेना आम जनता, किसानों और परिवहन क्षेत्र पर दोहरा आर्थिक बोझ है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल तालान ने कहा कि यह केवल किसानों की मांगें नहीं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़े राष्ट्रीय मुद्दे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति एवं केंद्र सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
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भाकियू (महात्मा टिकैत) ने कहा कि यदि किसानों की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन देशभर में व्यापक जनजागरण अभियान चलाकर किसानों की आवाज बुलंद करेगा।






