पारसौल में जलभराव से ग्रामीण परेशान, किसान सभा ने यमुना प्राधिकरण को दी आंदोलन की चेतावनी
जमीन अधिग्रहण के बावजूद गांव में नागरिक सुविधाएं नदारद, हल्की बारिश में भी जलभराव से बिगड़े हालात
गौतमबुद्ध नगर। पारसौल गांव में जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है। गांव के वरिष्ठ किसान नेता एवं किसान सभा जेवर कमेटी के अध्यक्ष कुंवर पाल सिंह ने जलभराव की समस्या पर कड़ा विरोध जताते हुए यमुना विकास प्राधिकरण से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
कुंवर पाल सिंह ने कहा कि यमुना प्राधिकरण द्वारा क्षेत्र की जमीन का अधिग्रहण तो कर लिया गया, लेकिन इसके बावजूद गांवों में मूलभूत नागरिक सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पारसौल गांव में हल्की सी बारिश होते ही जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी रास्तों और आबादी वाले क्षेत्रों में जमा हो जाता है। इससे ग्रामीणों, बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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किसान नेता ने कहा कि किसानों की जमीन अधिग्रहित करने के बाद प्राधिकरण की जिम्मेदारी है कि प्रभावित गांवों में सड़क, नाली, जल निकासी, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। लेकिन वर्तमान स्थिति ग्रामीणों की समस्याओं के प्रति गंभीरता की कमी को दर्शाती है।
कुंवर पाल सिंह ने यमुना प्राधिकरण से मांग की है कि पारसौल गांव में जलभराव की समस्या का तत्काल स्थायी समाधान कराया जाए और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्राधिकरण द्वारा जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसान सभा ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित प्राधिकरण की होगी।
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