SKM से जुड़े 36 से अधिक किसान संगठनों की रणनीतिक बैठक में 5 सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति, राष्ट्रीय कार्यकारिणी और कॉर्डिनेशन कमेटी का गठन
नोएडा, देश की आजादी से पूर्व महात्मा गांधी के नेतृत्व में चलाए गए भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ के अवसर पर रविवार को नोएडा के ग्राम कोंडली स्थित होटल गणेश्वरम में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) से जुड़े 36 से अधिक किसान संगठनों के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों की विभिन्न समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने और आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार करने पर गहन मंथन किया गया।
बैठक में किसान नेताओं ने भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को 10 प्रतिशत विकसित आवासीय प्लॉट, नए भूमि अधिग्रहण कानून के सभी लाभ, एमएसपी की कानूनी गारंटी, भारत-अमेरिका ट्रेड डील वापस लेने, ग्राम स्वराज की स्थापना तथा किसानों की कर्जमुक्ति सहित पांच प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन को मजबूत करने का संकल्प लिया।
किसान नेताओं ने कहा कि लंबे समय से किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को उनके अधिकार और उचित लाभ दिलाने, फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी सुनिश्चित कराने तथा किसानों को कर्ज के बोझ से मुक्त कराने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक आंदोलन की आवश्यकता है।
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राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की तैयारी
बैठक में सर्वसम्मति से संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) की कॉर्डिनेशन कमेटी और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन का निर्णय लिया गया। किसान नेताओं ने कहा कि संगठनात्मक स्तर पर समन्वय मजबूत कर देशभर के किसान संगठनों को एकजुट किया जाएगा।
बैठक में गहन विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया गया कि अगले माह दिल्ली में सैकड़ों किसान संगठनों की व्यापक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें किसानों के मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन का आह्वान किया जाएगा। किसान संगठनों ने आंदोलन को व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय किसान संगठनों से संपर्क बढ़ाने पर भी जोर दिया।
36 से अधिक किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने रखे सुझाव
रणनीतिक बैठक में राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न क्षेत्रों से आए किसान नेताओं ने अपने सुझाव रखे। बैठक में दशरथ कुमार (राजस्थान), डी.के. शर्मा (हरियाणा), सुरेंद्र प्रधान, अनिल तालान, सुनील फौजी, चौधरी रमेश कसाना, भूपेंद्र चौधरी, मुनीन्द्र पहलवान, मामचंद नागर, मीनू चौधरी, महकार नागर, राजकुमार नागर, महेश कसाना, गजब सिंह भाटी, नरेश चपरगढ़, सूबे राम डाबरा, भीम सिंह भाटी, मनमिन्दर बीडीसी, रिंकू यादव, जगदीश कुमार (राजस्थान) सहित तीन दर्जन से अधिक किसान नेताओं ने भाग लिया।
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बैठक में किसान नेताओं ने एकजुट होकर किसानों की समस्याओं को राष्ट्रीय मंच पर उठाने तथा आगामी आंदोलन के लिए संगठनात्मक तैयारियों को तेज करने का संकल्प लिया।
संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान संगठनों ने स्पष्ट किया कि किसानों की मांगों को लेकर संघर्ष को अब राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक स्वरूप देने की तैयारी शुरू कर दी गई है।






