वैदिक यज्ञ, हवन, कन्या पूजन और सामूहिक भंडारे के माध्यम से सुख-समृद्धि व शांति की कामना
नोएडा, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सलारपुर गांव में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। गांव में वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार खेड़ा देवत पूजन, वैदिक यज्ञ, हवन, कन्या पूजन एवं विशाल भंडारे का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूजा-अर्चना की तथा प्रसाद ग्रहण किया।
वैदिक आचार्य पंडित प्रमोद शास्त्री के सान्निध्य में खेड़ा देवत, गौरी-गणेश एवं माता लक्ष्मी का विधिवत पूजन कराया गया। यज्ञ एवं हवन के माध्यम से क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, रोग-दोष निवारण और विश्व कल्याण की कामना की गई। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के महत्व को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम के मुख्य यजमान एवं भारतीय किसान यूनियन गौतमबुद्धनगर के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने कहा कि सनातन संस्कृति की जड़ें गांवों की परंपराओं और धार्मिक आस्थाओं में निहित हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वजों द्वारा स्थापित सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन करना हम सभी का दायित्व है। ऐसे आयोजन समाज में भाईचारे, एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।
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अशोक भाटी ने बताया कि सलारपुर के खेड़ा देवत की क्षेत्र में विशेष मान्यता है। ग्रामीणों का विश्वास है कि गांव में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की रक्षा खेड़ा देवत करते हैं और उसके जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल जैसे कठिन समय में भी ग्रामीणों ने अपनी आस्था और सामूहिक जागरूकता के बल पर एकजुटता का परिचय दिया था।
उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराएं केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक समरसता और सामुदायिक एकजुटता की भी प्रतीक हैं। गांव के सभी वर्गों के लोग बिना किसी भेदभाव के इस आयोजन में सहयोग करते हैं, जिससे आपसी भाईचारा और अधिक मजबूत होता है।
प्रातःकाल आयोजित पूजन, यज्ञ-हवन और कन्या पूजन के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा और ग्रामीणों ने सेवा भाव के साथ व्यवस्थाओं का संचालन किया।
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इस अवसर पर रूपचंद मुनीमजी, झलकेश बाबूजी, सुखबीर प्रधान, रिकी प्रधान, ओमन भाटी, सुभाष नेता, सिंहराज गुर्जर, जोगिंदर भड़ाना, विजेंद्र भड़ाना, कृपाल भगतजी, शोभाराम भाटी, सचिन अवाना, अजय गुर्जर, धर्मेंद्र शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं सेवादार उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने कहा कि सलारपुर का खेड़ा देवत पूजन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गांव की पहचान, परंपरा और सामूहिक आस्था का प्रतीक है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक इसी श्रद्धा और भव्यता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।






