युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और नशा मुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से जनपद गौतमबुद्धनगर में चलाए जा रहे “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में जागरूकता संगोष्ठी एवं रैली का आयोजन किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी गौतमबुद्धनगर डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी के निर्देशों के क्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के मेडिकल, डेंटल एवं मनोरोग विभाग के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि भारत सरकार मादक पदार्थों के सेवन को कम करने और अवैध तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। “नशा मुक्त भारत अभियान” के माध्यम से देशभर में जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ युवाओं को सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और तस्करी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत संबंधित एजेंसियों द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
संगोष्ठी में जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार ने कहा कि जनपद के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशीले पदार्थों से होने वाली शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक हानियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंदन सोनी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
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कार्यक्रम में डॉ. श्वेता खुराना ने बताया कि इस वर्ष अभियान की थीम “नशा मुक्त भारत अभियान, विकसित भारत की पहचान” रखी गई है। उन्होंने कहा कि युवाओं को जागरूक करने के लिए शिक्षण संस्थानों में लगातार संवाद और जागरूकता गतिविधियां आयोजित करना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि विशेष अभियान के दौरान जनपद के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के आसपास तंबाकू एवं मादक पदार्थों की दुकानों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। साथ ही 66 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों में तंबाकू निषेध एवं नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
संगोष्ठी के बाद शारदा विश्वविद्यालय के 200 से अधिक विद्यार्थियों ने जागरूकता रैली निकालकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया और समाज को नशा मुक्त बनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान अभियान में उत्कृष्ट योगदान के लिए शारदा विश्वविद्यालय के चांसलर पी.के. गुप्ता द्वारा संबंधित अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. भुवनेश (डीन), अजित (निदेशक), डॉ. हेमंत (डीन, दंत चिकित्सा विभाग), डॉ. रिचा, डॉ. शांति सहित विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।






