11 अगस्त महाशिवरात्रि पर प्रमुख शिवालयों में होगा जलाभिषेक, कांवड़ मार्गों पर पुलिस, चिकित्सा, स्वच्छता, पेयजल और विद्युत व्यवस्था मजबूत
श्रावण कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस, प्रशासन, प्राधिकरण, स्वास्थ्य, नगर निकाय, विद्युत, वन, लोक निर्माण विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रमुख कांवड़ मार्गों, शिविर स्थलों एवं शिवालयों पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
11 अगस्त को प्रमुख शिवालयों में होगा जलाभिषेक
महाशिवरात्रि के अवसर पर 11 अगस्त को जनपद के प्रमुख शिवालयों सहित विभिन्न मंदिरों में कांवड़ श्रद्धालुओं द्वारा जलाभिषेक किया जाएगा। इसे देखते हुए शिव मंदिर नानकेश्वर ग्राम भाईपुर, जेवर, शिव मंदिर सेक्टर-02, सनातन धर्म मंदिर सेक्टर-19 तथा शिव मंदिर सेक्टर-22, नोएडा सहित प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुचारु जलाभिषेक के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
पुलिस विभाग द्वारा प्रमुख कांवड़ मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पीआरवी वाहनों के माध्यम से लगातार गश्त की जा रही है। सीमावर्ती राज्यों एवं जनपदों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए यातायात डायवर्जन प्लान, जोनवार एवं थानावार पुलिस प्रबंधन और प्रभावी कम्युनिकेशन व्यवस्था लागू की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
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शिविरों में सीसीटीवी से लेकर जनसुविधाओं तक इंतजाम
कांवड़ शिविरों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सीसीटीवी कैमरे, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्वच्छ पेयजल, अस्थायी शौचालय, बैरिकेडिंग, निर्बाध विद्युत आपूर्ति एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिविरों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
मेडिकल कैंप और एम्बुलेंस रहेंगी तैयार
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रमुख कांवड़ मार्गों एवं शिविर स्थलों पर चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं। सरकारी एवं निजी चिकित्सालयों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। पर्याप्त बेड, चिकित्सक, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय, हेल्प डेस्क, एम्बुलेंस, जीवनरक्षक दवाइयों एवं एंटी स्नेक वेनम की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके।
स्वच्छता, प्रकाश और जल निकासी पर विशेष फोकस
नगर पालिका एवं नगर पंचायतों द्वारा कांवड़ मार्गों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। जलभराव रोकने के लिए जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। मार्गों पर नियमित सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, शुद्ध पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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विद्युत सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम
विद्युत विभाग द्वारा कांवड़ मार्गों पर स्थित विद्युत खंभों को वर्षा के दृष्टिगत जलरोधी सुरक्षा आवरण से सुरक्षित किया गया है। ट्रांसफार्मरों के आसपास सुरक्षा घेरा बनाने के साथ जल निकासी की समुचित व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़कों की मरम्मत और मार्गों को सुरक्षित किया गया
लोक निर्माण विभाग द्वारा मुख्य एवं सहायक कांवड़ मार्गों का निरीक्षण कर गड्ढों की मरम्मत, पैचवर्क, सड़क किनारे झाड़ियों की कटाई-छंटाई तथा जल निकासी से संबंधित कार्य कराए गए हैं। क्षतिग्रस्त स्थानों को दुरुस्त कर मार्गों को श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए सुरक्षित बनाया गया है।
वन विभाग द्वारा भी कांवड़ मार्गों पर झाड़ियों की सफाई एवं लटकी हुई वृक्ष शाखाओं की छंटाई कराई गई है। प्राकृतिक आपदा अथवा वन्यजीव से संबंधित आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीमों को सक्रिय रखा गया है।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रत्येक व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए और श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
प्रशासन ने कांवड़ श्रद्धालुओं एवं आमजन से अपील की है कि वे यातायात नियमों, निर्धारित मार्गों और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अनुशासन बनाए रखें तथा श्रावण कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सफल बनाने में प्रशासन का सहयोग करें।






