हथकरघा उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल, प्रमुख क्रेताओं के साथ एमओयू का आदान-प्रदान; बुनकरों ने सरकार की योजनाओं को सराहा
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर शुक्रवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित बुनकरों, हस्तशिल्पकारों एवं लाभार्थियों को सम्मानित करते हुए पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र, ट्रॉफी एवं आर्थिक सहायता के चेक प्रदान किए। इस अवसर पर हथकरघा उत्पादों के प्रमुख क्रेताओं के साथ विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का भी आदान-प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के हथकरघा एवं पावरलूम क्षेत्र से जुड़े कारीगरों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। सम्मानित बुनकरों ने पुरस्कार मिलने को गौरव का क्षण बताते हुए प्रदेश सरकार की योजनाओं एवं प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया।
विभिन्न श्रेणियों में बुनकरों को मिला सम्मान
साड़ी, ब्राकेड एवं ड्रेस मेटेरियल श्रेणी में वाराणसी के जमालुद्दीन को प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपये का चेक, प्रशस्ति पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।
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सूती दरी, ऊनी दरी, आसनी एवं दरेट श्रेणी में सीतापुर के अकील अहमद को प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपये का चेक, प्रशस्ति पत्र एवं ट्रॉफी मिली।
बेडशीट, बेड कवर एवं होम फर्निशिंग श्रेणी में बिजनौर के कफील अहमद को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया और उन्हें 1 लाख रुपये का चेक, प्रशस्ति पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।
वहीं स्टोल, अंगवस्त्र एवं अन्य पारंपरिक वस्त्र उत्पाद श्रेणी में वाराणसी के प्यारेलाल को प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपये का चेक, प्रशस्ति पत्र एवं ट्रॉफी दी गई।
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झलकारी बाई कोरी योजना के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता
झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना के तहत मऊ के सुरेंद्र कुमार, इटावा की सोनी तथा झांसी की मीरा बाई को 93-93 हजार रुपये के चेक प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना के लाभार्थी सम्मानित
मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना के अंतर्गत मुरादाबाद के गुलाम वारिस को 78 हजार रुपये, जबकि बरेली के मो. साजिद अंसारी एवं मेरठ के जय किशन राजपूत को 93-93 हजार रुपये के चेक प्रदान किए गए।
हथकरघा उत्पादों के बाजार विस्तार के लिए एमओयू
समारोह के दौरान हथकरघा उत्पादों के प्रमुख क्रेताओं एवं संबंधित संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। इनमें उत्तर प्रदेश हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय और हैंडलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, चेन्नई, दमेरा टाटा ग्रुप, बैंगलोर, कार्गो डीटीडीसी, इंटरनेशनल फैशन बिजनेस एक्सचेंज काउंसिल, मुंबई तथा कानपुर के प्रतीक कुमार के साथ किए गए एमओयू प्रमुख रहे।
इन समझौतों के माध्यम से प्रदेश के हथकरघा उत्पादों को बेहतर बाजार, नए खरीदारों एवं व्यावसायिक अवसरों से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
बुनकरों ने सरकार के प्रयासों को सराहा
समारोह में सम्मानित बुनकरों एवं हस्तशिल्पकारों ने सरकार की योजनाओं एवं प्रोत्साहन को अपने कार्य को आगे बढ़ाने में सहायक बताया।
वाराणसी के साड़ी बुनकर जमालुद्दीन ने कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का कार्यक्रम उनके लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद हथकरघा क्षेत्र के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों से बुनकरों को प्रोत्साहन मिला है।
सीतापुर के बुनकर अकील अहमद ने मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। वाराणसी के बुनकर प्यारेलाल ने कहा कि रोजगार और कारोबार को आगे बढ़ाने के प्रयासों से बुनकरों को लाभ मिल रहा है और सम्मान मिलने से उनका मनोबल बढ़ा है।
ललितपुर की मीरा बाई और इटावा की बिनाई कारीगर सोनी ने भी सरकार द्वारा महिलाओं एवं हस्तशिल्पकारों को आगे बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की।
हाथरस के रूप किशोर ने कहा कि हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों से कारीगरों में भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ा है। टांडा के शाहनवाज अहमद, जो गमछा, साड़ी और दुपट्टा बनाने का कार्य करते हैं, ने भी सम्मान मिलने पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का यह आयोजन प्रदेश के पारंपरिक हथकरघा, पावरलूम एवं हस्तशिल्प क्षेत्र से जुड़े कारीगरों को सम्मान देने के साथ-साथ उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।






