कोरोना योद्धाओं की नौकरी पर मंडराया संकट, 450 से अधिक जिम्स कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरने पर
स्थायी नियुक्ति और रोजगार सुरक्षा की मांग को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी, मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
ग्रेटर नोएडा, 22 जून 2026। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में कार्यरत 450 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है। अपनी सेवाओं के नियमितीकरण और रोजगार सुरक्षा की मांग को लेकर कर्मचारी संस्थान परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की सेवा की थी, लेकिन आज उन्हें अपने रोजगार और भविष्य की चिंता सता रही है।
धरनारत कर्मचारियों के अनुसार कोरोना काल में उन्हें आश्वासन दिया गया था कि भविष्य में स्थायी भर्ती होने पर उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। अब नई भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। उनका कहना है कि कई कर्मचारी पिछले 10 से 14 वर्षों से संस्थान में सेवाएं दे रहे हैं और उनकी आयु अब अन्य सरकारी नौकरियों के लिए निर्धारित आयु सीमा के करीब पहुंच चुकी है।
कर्मचारियों ने बताया कि जिम्स में नियुक्ति के समय उन्होंने निर्धारित चयन प्रक्रिया और परीक्षा उत्तीर्ण की थी तथा वर्षों से उनकी कार्यक्षमता का नियमित मूल्यांकन भी किया जाता रहा है। इसके बावजूद आज उन्हें अपने भविष्य को लेकर संघर्ष करना पड़ रहा है।
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धरनास्थल पर कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की अपील करते हुए उनके पोस्टर भी लगाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें प्रदेश सरकार पर भरोसा है और उम्मीद है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित समाधान निकाला जाएगा।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं पहुंचाना चाहते। इसी कारण अस्पताल की आईसीयू और इमरजेंसी सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जा रहा है तथा आवश्यक सेवाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं।
वहीं जिम्स प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है। संस्थान प्रशासन ने कर्मचारियों से कार्य पर लौटने की अपील करते हुए कहा है कि स्थायी नियुक्ति से संबंधित निर्णय शासन स्तर पर लिया जाना है।
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हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। कर्मचारियों का दर्द यही है कि जिन्होंने कोरोना संकट के दौरान लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, आज वे अपने ही रोजगार और भविष्य को सुरक्षित रखने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
मुख्य मांगें
- लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा प्रदान की जाए।
- स्थायी भर्ती प्रक्रिया में वर्तमान कर्मचारियों को प्राथमिकता मिले।
- वर्षों की सेवा और अनुभव को नियुक्ति प्रक्रिया में मान्यता दी जाए।
- कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए विशेष नीति बनाई जाए।






