सफाई कर्मचारियों के शोषण का आरोप, कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ठेकेदार पर कम वेतन, उत्पीड़न और अवैध उगाही के गंभीर आरोप
ग्रेटर नोएडा, 
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत कार्यरत सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सविता शर्मा कासना ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राधिकरण के ठेकेदार द्वारा सफाई कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है तथा उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।
सविता शर्मा ने कहा कि सफाई कर्मचारियों से पूरे 30 दिन कार्य कराया जाता है, जबकि उन्हें केवल 26 दिनों का वेतन दिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि कर्मचारियों की निर्धारित मासिक सैलरी लगभग 21,634 रुपये है, लेकिन उन्हें मात्र 14,000 रुपये का भुगतान किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जो कर्मचारी अपने अधिकारों की बात करते हैं या आवाज उठाते हैं, उन्हें कार्य से निकाल दिया जाता है। उन्होंने बताया कि 16 जून 2026 को दो सफाई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया, जबकि एक अन्य कर्मचारी को कथित रूप से इतना प्रताड़ित किया गया कि उसे स्वयं इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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सविता शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा विभिन्न सेक्टरों में अवैध उगाही की जा रही है और सफाई व्यवस्था के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की व्यवस्था नहीं की जा रही। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक सफाई वाहन पर तत्काल दो सफाई कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से पूरे मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने, कर्मचारियों को उचित वेतन और सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा कथित अनियमितताओं पर रोक लगाने की मांग की है।
सविता शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो सफाई कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
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