नोएडा। थाना फेस-3 पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी लॉटरी का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के 10 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 20 मोबाइल फोन, 4 डेबिट कार्ड तथा 10,200 रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार 18 जून 2026 को बीट पुलिसिंग एवं गोपनीय सूचना के आधार पर सेक्टर-121 नोएडा में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी लॉटरी और इनाम जीतने के विज्ञापन प्रसारित कर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
12 लाख की लॉटरी का लालच देकर करते थे ठगी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले लोगों को मात्र 50 रुपये में फर्जी लॉटरी टिकट उपलब्ध कराते थे। इसके बाद पीड़ितों को 12 लाख रुपये की लॉटरी निकलने का झांसा दिया जाता था। फिर टीडीएस, जीएसटी, एनओसी, इनकम टैक्स क्लियरेंस, आरबीआई क्लियरेंस और फाइनल ट्रांसफर चार्ज के नाम पर अलग-अलग किस्तों में धनराशि फर्जी बैंक खातों में जमा करवाई जाती थी।
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गिरोह लोगों का विश्वास जीतने के लिए फर्जी आयकर विभाग और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के दस्तावेज तैयार कर व्हाट्सएप पर भेजता था। आरोपी विशेष रूप से दक्षिण भारत के राज्यों के लोगों को निशाना बनाते थे और उनकी स्थानीय भाषा में बातचीत कर उन्हें भरोसे में लेते थे।
बार-बार बदलते थे सिम और बैंक खाते
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ठगी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को लगातार बदलता रहता था। पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी पुराने सिम कार्ड नष्ट कर देते थे और नए नंबरों का उपयोग शुरू कर देते थे। पिछले दो महीनों में एनसीआरपी और समन्वय पोर्टल पर कर्नाटक एवं आंध्र प्रदेश से इस प्रकार की लगभग 18 शिकायतें दर्ज हुई थीं।
आईटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मु0अ0सं0-338/2026 के तहत धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की जांच एवं विधिक कार्रवाई जारी है।
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पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले किसी भी लॉटरी, इनाम या पुरस्कार संबंधी संदेशों पर बिना सत्यापन विश्वास न करें तथा किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस स्टेशन को दें।






