शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक क्षेत्र के लिए केंद्र से मांगा सहयोगप्र,धानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए योगी आदित्यनाथ ने एम्स, रोबोटिक्स क्लस्टर, आयुष्मान भारत और आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे
लखनऊ/नई दिल्ली, 11 जून 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के 12 वर्षों के नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और अथक प्रयासों के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर नई पहचान स्थापित की है तथा वैश्विक चुनौतियों के बावजूद विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है।
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बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ के विजन को प्रस्तुत करते हुए प्रदेश के समग्र विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्र सरकार और नीति आयोग से सहयोग का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्र अब केवल पोषण वितरण के केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रथम विद्यालय बन रहे हैं। प्रदेश में लगभग 72 हजार सह-स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों को बालवाटिका (प्री-प्राइमरी) के रूप में संचालित किया जा रहा है। उन्होंने आंगनबाड़ी भवन निर्माण की निर्धारित लागत के पुनरीक्षण तथा निर्माण व्यय का वहन महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव रखा।
उन्होंने टेक होम राशन (THR) की लागत को वर्तमान बाजार दरों के अनुरूप संशोधित कर थोक मूल्य सूचकांक से जोड़ने की आवश्यकता भी बताई, ताकि गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराया जा सके।
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शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने समग्र शिक्षा योजना में उत्तर प्रदेश के 4,512 राज्य-वित्तपोषित अनुदानित विद्यालयों को शामिल करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे लाखों विद्यार्थियों को समान शैक्षिक अवसर मिलेंगे और “सबको शिक्षा, समान शिक्षा” का लक्ष्य साकार होगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को विश्व की सबसे दूरदर्शी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक बताते हुए इसकी प्रीमियम राशि को बढ़ाकर 2,400 रुपये प्रति परिवार करने के प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वास्तविक लागत बढ़ने के कारण राज्य सरकार अतिरिक्त वित्तीय भार वहन कर रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता से एम्स गोरखपुर और रायबरेली ने पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड क्षेत्र में भी एक-एक नए एम्स की स्थापना की मांग की, जिससे लगभग 9 करोड़ लोगों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
तकनीकी और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश सरकार ने ग्रेटर नोएडा में 75 एकड़ भूमि पर एक समर्पित ‘रोबोटिक्स क्लस्टर’ विकसित करने की योजना बनाई है। उन्होंने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सफल बनाने के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग का अनुरोध किया। उनका कहना था कि रोबोटिक्स, फोटोनिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्र भविष्य की अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार बनेंगे और भारत को वैश्विक नेतृत्व प्रदान कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वज्रपात (लाइटनिंग) से होने वाली जन-धन हानि को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश हेतु एक समर्पित सैटेलाइट उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक सैटेलाइट और रिमोट सेंसिंग तकनीक के माध्यम से समय रहते सटीक चेतावनी देकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से प्रेरित होकर उत्तर प्रदेश तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था और विकास का सबसे मजबूत इंजन बनकर उभरेगा।






