नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का शुभारंभ, जेवर एयरपोर्ट और मेट्रो नेटवर्क को मिलेगी मजबूत लास्ट माइल कनेक्टिविटी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गौतमबुद्धनगर वासियों को स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन की बड़ी सौगात देते हुए 45 इलेक्ट्रिक बसों और 3 हाइड्रोजन बसों को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का भी शुभारंभ किया, जो क्षेत्र में ग्रीन मोबिलिटी को नई दिशा प्रदान करेगा।
शिल्प हाट नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-28 स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्राधिकरणों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रीन मोबिलिटी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के विजन को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश के शहरों और गांवों को स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल इलेक्ट्रिक परिवहन सेवाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।
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15 जून तक 110 इलेक्ट्रिक बसें होंगी संचालित
मुख्यमंत्री ने बताया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 15 जून तक 110 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। भविष्य में यात्रियों की मांग और आवश्यकता के अनुरूप बसों की संख्या बढ़ाकर 500 तक करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मेट्रो नेटवर्क, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स हब, डेटा सेंटर और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने में ये बसें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। विशेष रूप से लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने में इलेक्ट्रिक बस सेवा मील का पत्थर साबित होगी।
जेवर एयरपोर्ट के लिए ग्रीन मोबिलिटी का नया मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का सबसे बड़ा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जल्द ही संचालन के लिए तैयार है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तीनों प्राधिकरणों और परिवहन निगम के संयुक्त प्रयासों से यह आधुनिक बस सेवा शुरू की गई है। यह पहल प्रदेश के नेट जीरो उत्सर्जन लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
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हाइड्रोजन बसों से मिलेगी स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 3 हाइड्रोजन बसों के संचालन की भी शुरुआत की। उन्होंने बताया कि इन बसों के लिए आवश्यक ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन सीवर ट्रीटेड वाटर से किया जाएगा। एनटीपीसी के सहयोग से संचालित यह परियोजना देश में स्वच्छ ऊर्जा आधारित सार्वजनिक परिवहन की एक अभिनव पहल है।
उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन बसें वायु प्रदूषण कम करने, कार्बन उत्सर्जन घटाने तथा बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
ग्रीन और स्मार्ट उत्तर प्रदेश की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने सड़क, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और मेट्रो नेटवर्क के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास किया है। आज प्रदेश देश में सर्वश्रेष्ठ कनेक्टिविटी वाले राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन आधारित परिवहन सेवाएं उत्तर प्रदेश को ग्रीन ट्रांसपोर्ट और स्मार्ट मोबिलिटी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएंगी।
पर्यावरण संरक्षण और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (UP-CAMP) के तहत विश्व बैंक के सहयोग से 2741 करोड़ रुपये की परियोजना पर कार्य कर रही है। इसके माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा, प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं के विस्तार के माध्यम से युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर भी सृजित किए जाएंगे।
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ग्रीन मोबिलिटी की ओर ऐतिहासिक कदम: जेवर एयरपोर्ट तक दौड़ेंगी ई-बसें, हाइड्रोजन बसों से मिलेगा स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त सफर।






