- GIMS के इनोवेशन इकोसिस्टम की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना, क्लिनिकल ट्रायल फैसिलिटी शुरू
- मेडिकल डिवाइस पार्क से बदलेगी औद्योगिक तस्वीर, YEIDA ने रखा विकास का विजन
- GIMS में राष्ट्रीय सम्मेलन, मेडिकल रिसर्च, स्टार्टअप और उद्योग जगत एक मंच पर
GIMS में राष्ट्रीय मेडिकल डिवाइस रेगुलेशन कार्यशाला का आयोजन, DCGI ने किया क्लिनिकल ट्रायल फैसिलिटी का उद्घाटन
YEIDA ने प्रस्तुत किया मेडिकल डिवाइस पार्क का विजन, GIMS के इनोवेशन एवं हेल्थकेयर स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिली नई पहचान
भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) एवं भारत सरकार के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के संयुक्त तत्वावधान में गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GIMS), ग्रेटर नोएडा में राष्ट्रीय मेडिकल डिवाइस रेगुलेशन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। जीआईएमएस द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देशभर से नियामक संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, मेडिकल डिवाइस निर्माता, चिकित्सक, शोधकर्ता, निवेशक एवं हेल्थकेयर स्टार्टअप्स ने भाग लिया।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने GIMS की अत्याधुनिक क्लिनिकल ट्रायल फैसिलिटी का उद्घाटन किया। उन्होंने चिकित्सा अनुसंधान, नवाचार और हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने में GIMS की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि चिकित्सकों एवं वैज्ञानिकों द्वारा विकसित भारतीय तकनीकें भविष्य में वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में देश की नई पहचान बनेंगी।
इस अवसर पर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेन्द्र कुमार भाटिया (आईएएस) ने प्रस्तावित मेडिकल डिवाइस पार्क का विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, यमुना एक्सप्रेसवे और आधुनिक कनेक्टिविटी के साथ यह पार्क उत्तर प्रदेश को मेडिकल डिवाइस निर्माण, अनुसंधान, निवेश और निर्यात का राष्ट्रीय एवं वैश्विक केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जीआईएमएस के निदेशक डॉ. (ब्रिगेडियर) राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि संस्थान चिकित्सा शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से अग्रणी संस्थान के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल आधारित सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन (CMI) वर्तमान में 50 से अधिक हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को क्लिनिकल वैलिडेशन, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और उद्योग से जुड़ने का अवसर उपलब्ध करा रहा है।
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कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण हॉस्पिटल डेमो डे रहा, जिसमें GIMS इन्क्यूबेशन सेंटर के 15 चयनित हेल्थकेयर स्टार्टअप्स ने अपने नवाचारों और चिकित्सा प्रौद्योगिकी आधारित समाधानों का प्रदर्शन किया। इस मंच ने नियामकों, चिकित्सकों, उद्योग जगत, निवेशकों और स्टार्टअप्स के बीच संवाद एवं सहयोग के नए अवसर प्रदान किए।
कार्यक्रम में CDSCO, CII, EPCMD, YEIDA सहित विभिन्न सरकारी संस्थानों, उद्योग संगठनों एवं चिकित्सा क्षेत्र के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने सहभागिता की। GIMS की नई क्लिनिकल ट्रायल फैसिलिटी, ICMR Intent Centre, Genome Sequencing Facility, VRDL, BSL-2 एवं BSL-3 प्रयोगशालाओं जैसी अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं के साथ संस्थान चिकित्सा अनुसंधान एवं स्वास्थ्य नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।






